Breaking News: UNGA के मंच से भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान को घेरा, UNSC सुधार की भी उठाई मांग!
Video Source: Aaj Tak
मीडिया के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सेशन में शनिवार को भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत का पक्ष मजबूती से रखा। अपने भाषण के दौरान उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि “भारत का पड़ोसी देश वैश्विक आतंकवाद का केंद्र है।”
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा:
-
“पहलगाम में हाल ही में क्रूर आतंकी हमला हुआ था, जिसका जवाब भारत ने मजबूती से दिया।”
-
“आतंक के अड्डे बड़े पैमाने पर संचालित हो रहे हैं, आतंकवादियों का खुलेआम महिमामंडन किया जाता है। यह वैश्विक शांति के लिए गंभीर खतरा है।”
-
उन्होंने साफ किया कि आतंकवादियों की फंडिंग रोकनी होगी और ऐसे कृत्यों की “बिना शर्त निंदा होनी चाहिए।”
UNSC सुधार पर भारत का पक्ष
विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया।
-
उन्होंने कहा कि आज UN के सदस्य 4 गुना बढ़ चुके हैं और इसका दायरा भी बहुत विस्तृत हो गया है।
-
अब समय आ गया है कि स्थायी सदस्यों की संख्या भी बढ़ाई जाए।
-
जयशंकर बोले, “भारत UNSC में बड़ी जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार है।”
भारत का वैश्विक योगदान
अपने भाषण में जयशंकर ने भारत की मानवता-सेवा और विकास सहयोग को गिनाया:
-
अफगानिस्तान और म्यांमार जैसे पड़ोसियों की प्राकृतिक आपदाओं में मदद।
-
उत्तरी अरब सागर में सुरक्षित व्यापार सुनिश्चित करना और समुद्री डकैती रोकना।
-
भारतीय सैनिकों का शांति मिशन में योगदान।
-
डॉक्टर, शिक्षक और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा दुनिया भर में मानव विकास और डिजिटलीकरण को बढ़ावा।
पाकिस्तान पर अप्रत्यक्ष हमला
जयशंकर ने कहा:
-
“भारत को अपनी आजादी के बाद से ही ऐसे पड़ोसी का सामना करना पड़ा है, जो ग्लोबल आतंकवाद का हब है।”
-
“ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय आतंकी हमलों की जड़ें उसी देश से जुड़ी हैं।”
-
“जब कोई राष्ट्र आतंकवाद को सरकारी नीति बना ले, तो उसके गंभीर नतीजे होते हैं।”
रूस का भारत को समर्थन
भारत की दावेदारी को और मजबूती मिली जब रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया।
-
लावरोव ने कहा कि रूस चाहता है कि भारत और ब्राजील को स्थायी सीट मिले।
-
उन्होंने BRICS और SCO जैसे समूहों की अहमियत पर भी जोर दिया और ग्लोबल साउथ के हितों की रक्षा की बात कही।
BRICS बैठक में भी उठी भारत की आवाज
UNGA से पहले जयशंकर ने BRICS देशों की बैठक में भी कहा:
-
“BRICS को वैश्विक व्यापार सिस्टम की रक्षा करनी चाहिए।”
-
उन्होंने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% टैरिफ का मुद्दा भी उठाया।
-
जयशंकर ने BRICS देशों से एकजुट होकर UNSC सुधार की मांग करने का आह्वान किया।
पीएम मोदी इस बार शामिल नहीं होंगे
दिलचस्प बात यह है कि इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी UNGA से डिबेट में शामिल नहीं होंगे।
-
पिछले 10 वर्षों में यह तीसरी बार होगा जब पीएम मोदी इस वैश्विक मंच पर नहीं बोलेंगे।
-
भारत की ओर से विदेश मंत्री एस. जयशंकर प्रतिनिधित्व करेंगे।
जयशंकर का यह भाषण न सिर्फ पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करता है, बल्कि भारत की वैश्विक भूमिका, शांति मिशन में योगदान और UNSC सुधार की मांग को भी मजबूत करता है।
