Breaking News: दिल्ली धमाका: लाल किले के पास हुए विस्फोट की जांच फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ी कड़ी तक पहुंची!
Video Source: DD News
मीडिया के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार धमाके ने एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। सोमवार शाम को हुए इस धमाके के बाद एनआईए, दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां मिलकर मामले की गहराई से पड़ताल कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में इस धमाके के तार हरियाणा के फरीदाबाद में पकड़े गए एक संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
एनआईए और दिल्ली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मिले कई अहम सुराग, CCTV फुटेज से कार की पहचान, विस्फोट की जगह और समय पर फोकस
जांच में सामने आया है कि धमाके में इस्तेमाल की गई i20 कार लाल किले के पास घटना से कुछ घंटे पहले ही पार्किंग में खड़ी की गई थी। फुटेज में दिखा कि यह कार दोपहर बाद 3:19 बजे पार्क हुई और धमाके से ठीक चार मिनट पहले 6:48 पर निकली। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, धमाका शाम करीब 6:52 बजे हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि विस्फोट में इस्तेमाल किया गया आईईडी पूरी तरह विकसित नहीं था, इसलिए इसका प्रभाव सीमित रहा। वाहन गतिशील अवस्था में था, और विस्फोट के समय किसी अन्य वस्तु से टकराया नहीं था।
फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ी कड़ी की जांच तेज
सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद में पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के दौरान मिली जानकारियों के बाद यह शक गहराया कि धमाके का कनेक्शन उसी मॉड्यूल से हो सकता है। इस मॉड्यूल से जुड़े कई संदिग्ध डॉक्टरों और छात्रों से एनआईए पूछताछ कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, जांच में कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, लैपटॉप, मोबाइल डेटा और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है, जिनका फॉरेंसिक विश्लेषण जारी है।
बड़ा हमला टला, अलर्ट पर सुरक्षा एजेंसियां
एनआईए और दिल्ली पुलिस के संयुक्त बयान के मुताबिक, यह विस्फोट किसी बड़े हमले की योजना का हिस्सा भी हो सकता था। लेकिन समय पर मिली जानकारी और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से एक बड़ी त्रासदी टल गई।
सूत्रों ने बताया कि हाल के दिनों में दिल्ली-एनसीआर और जम्मू-कश्मीर में कई जगहों पर छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई है। माना जा रहा है कि इसी दबाव के चलते संदिग्धों ने जल्दबाजी में विस्फोट को अंजाम दिया।
अधिकारियों के हवाले से मिली अहम जानकारियां
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विस्फोट स्थल से कोई छर्रे या भारी मात्रा में मलबा नहीं मिला।
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यह हमला “आत्मघाती” स्वरूप का नहीं था, बल्कि जल्दबाजी में किया गया विस्फोट प्रतीत होता है।
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IED में अमोनियम नाइट्रेट और फ्यूल ऑयल जैसे तत्वों का प्रयोग किया गया।
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संदिग्ध वाहन हरियाणा नंबर की थी और बदरपुर बॉर्डर के रास्ते दिल्ली में दाखिल हुई।
देशव्यापी अलर्ट और आगे की कार्रवाई
इस मामले के बाद दिल्ली-एनसीआर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रमुख सरकारी भवनों, पर्यटन स्थलों और धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। एनआईए और खुफिया एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
जांच एजेंसियों का कहना है कि इस मामले में कोई भी दावा या आरोप केवल तथ्यों की पुष्टि के बाद ही सार्वजनिक किया जाएगा। फिलहाल, सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है।
