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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, ‘जब बात बुरे पड़ोसियों की आती है तो वह आतंकवाद पर अड़े रहते हैं।

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Breaking News: “हमारे पास बुरे पड़ोसी हैं” – आतंकवाद पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का दो टूक संदेश!


Video Source: IndiaTV

मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने आतंकवाद को लेकर भारत की नीति एक बार फिर स्पष्ट करते हुए कहा है कि अच्छे पड़ोसी संबंध और आतंकवाद एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने कहा कि यदि कोई देश दशकों से आतंकवाद को बढ़ावा देता रहा है, तो उसके साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की उम्मीद नहीं की जा सकती।

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“बुरे पड़ोसी आतंकवाद पर अड़े रहते हैं” – एस. जयशंकर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा:

“जब बात बुरे पड़ोसियों की आती है, तो वे आतंकवाद पर अड़े रहते हैं। ऐसे में अपने लोगों को आतंकवाद से बचाना हमारा अधिकार है।”

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारत उन पड़ोसियों से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार रखता है जो आतंकवाद का समर्थन करते हुए नई दिल्ली से सहयोग की अपेक्षा करते हैं।


आतंकवाद पर भारत की नीति पूरी तरह स्पष्ट

विदेश मंत्री ने दोहराया कि भारत की नीति बिल्कुल स्पष्ट है—

  • आतंकवाद को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा

  • आतंकवाद का समर्थन करने वालों के साथ सामान्य रिश्ते संभव नहीं हैं

  • भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा

उन्होंने कहा कि पानी साझा करना, सहयोग करना या अच्छे संबंध रखना ऐसे देश के साथ संभव नहीं है जो आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देता हो।


IIT मद्रास में फायरसाइड चैट के दौरान बयान

विदेश मंत्री एस. जयशंकर तमिलनाडु के आईआईटी मद्रास में आयोजित एक फायरसाइड चैट कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस दौरान उन्होंने इशारों में पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों से आतंकवाद झेल रहा भारत अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगा।

उन्होंने कहा:

“अगर आपके यहां दशकों से आतंकवाद है, तो आपके पास अच्छा पड़ोसी नहीं हो सकता। आप ऐसे किसी व्यक्ति के साथ अच्छे पड़ोसी संबंध नहीं रख सकते जो आतंकवाद जारी रखे हुए है।”


“दुर्भाग्य से हमारे पास बुरा पड़ोसी है”

भारत की पड़ोसी नीति पर बात करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण सामान्य ज्ञान और व्यावहारिक सोच पर आधारित है।

उन्होंने कहा:

“आपके बुरे पड़ोसी भी हो सकते हैं। दुर्भाग्य से, हमारे हैं।
अगर कोई देश जानबूझकर, लगातार और बिना किसी पछतावे के आतंकवाद जारी रखता है, तो हमें अपने लोगों को उससे बचाने का अधिकार है।”


“हम अपनी रक्षा के लिए जो करना होगा, करेंगे”

एस. जयशंकर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत की सुरक्षा नीति पर कोई बाहरी दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा:

“कोई भी हमें यह नहीं बता सकता कि हमें क्या करना चाहिए या क्या नहीं।
हम अपनी रक्षा के लिए जो कुछ भी करना होगा, करेंगे।”


कूटनीतिक संकेत और सख़्त संदेश

विशेषज्ञों के अनुसार, विदेश मंत्री का यह बयान भारत की ज़ीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाता है।
यह संदेश साफ है कि भारत अब आतंकवाद और कूटनीति को अलग-अलग नहीं देखता, बल्कि आतंकवाद को खत्म किए बिना किसी भी तरह के संबंधों को आगे नहीं बढ़ाएगा।