Breaking News: “भारत की आज़ादी बहुत बड़ी कीमत चुकाकर मिली” NSA अजित डोभाल का युवाओं को संदेश!
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मीडिया के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने कहा है कि भारत की आज़ादी बहुत बड़ी कुर्बानियों और संघर्ष के बाद मिली है, और आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वह देश को हर मोर्चे पर इतना मजबूत बनाए कि इतिहास से मिले सबक कभी न भुलाए जाएं।
???????? “हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है” — अजित डोभाल
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल शनिवार को ‘विकसित भारत युवा नेतृत्व संवाद’ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को सिर्फ सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और रणनीतिक रूप से भी इतना सक्षम बनाना होगा कि वह अपने पराधीनता के इतिहास को पीछे छोड़ सके।
उन्होंने कहा:
“हमें अपने इतिहास का प्रतिशोध लेना है और हमें इस देश को फिर वहां पहुंचाना है, जहां हम अपने हक, अपने विचार और अपनी आस्थाओं के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें।”
“मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ, आप स्वतंत्र भारत में”
81 वर्षीय पूर्व आईबी प्रमुख अजित डोभाल ने देशभर से आए करीब 3000 युवाओं से कहा:
“मैं गुलाम भारत में पैदा हुआ था। आप भाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र भारत में पैदा हुए हैं। सदियों तक हमारे पूर्वजों ने इसके लिए कुर्बानियां दीं, अपमान सहे।”
उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों का स्मरण करते हुए कहा कि
भगत सिंह को फांसी दी गई, सुभाष चंद्र बोस ने जीवन भर संघर्ष किया, महात्मा गांधी ने सत्याग्रह किया और अनगिनत लोगों ने अपनी जानें कुर्बान कीं।
“हमारी सभ्यता को नष्ट करने की कोशिश हुई”
डोभाल ने कहा कि भारत के इतिहास में ऐसे दौर आए जब:
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गांव जलाए गए
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सभ्यता को समाप्त करने की कोशिश हुई
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मंदिरों को लूटा गया
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और देश असहाय मूक दर्शक बना रहा
उन्होंने कहा:
“यह इतिहास हमें चुनौती देता है कि भारत के हर युवक के अंदर आग होनी चाहिए।”
“प्रतिशोध शब्द अच्छा नहीं, लेकिन शक्ति देता है”
अजित डोभाल ने कहा कि भले ही प्रतिशोध शब्द अच्छा न लगे, लेकिन यह अपने भीतर एक प्रेरक शक्ति रखता है।
“हमें हर रूप में — आर्थिक, रक्षात्मक और तकनीकी तौर पर — खुद को मजबूत बनाना होगा।”
उन्होंने कहा कि भारत एक महान सभ्यता रहा है, जिसने कभी दूसरों के मंदिर नहीं तोड़े और न ही लूटपाट की, लेकिन सुरक्षा के प्रति उदासीनता ने इतिहास से कठोर सबक सिखाया।
“अगर अगली पीढ़ी सबक भूल गई, तो यह त्रासदी होगी”
डोभाल ने चेतावनी देते हुए कहा:
“अगर आने वाली पीढ़ियां इतिहास से मिले सबक को भूल जाएंगी, तो यह इस देश की सबसे बड़ी त्रासदी होगी।”
पीएम मोदी का दिया उदाहरण
युवाओं को “भविष्य का नेता” बताते हुए अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उदाहरण दिया।
उन्होंने कहा:
“आज हम भाग्यशाली हैं कि देश को ऐसा नेतृत्व मिला है, जिसने दस साल में देश को कहां से कहां पहुंचा दिया है। प्रधानमंत्री मोदी की प्रतिबद्धता, मेहनत, अनुशासन और समर्पण हम सभी के लिए आदर्श है।”
डोभाल ने कहा कि इच्छाशक्ति और समर्पण से ही नए विचार जन्म लेते हैं, और आज की पीढ़ी उस भारत को देखेगी जिसकी कल्पना पिछली पीढ़ियां किया करती थीं।
