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गृहमंत्री अमित शाह का बड़ा दावा: ‘भारत नक्सलवाद से मुक्त’, कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

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Breaking News: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि देश में कांग्रेस वामपंथी विचारधारा की वजह से नक्सलवाद फैला!


Video Source: DD News

मीडिया के अनुसार, गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा में नक्सलवाद के मुद्दे पर बड़ा बयान देते हुए दावा किया कि देश अब नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। गृह मंत्री ने कहा कि सरकार ने बातचीत नहीं, बल्कि कड़े एक्शन और विकास के जरिए इस समस्या पर निर्णायक प्रहार किया है।

उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जो हथियार उठाएगा, उसे उसकी कीमत चुकानी पड़ेगी,” और दावा किया कि नक्सल संगठनों का शीर्ष नेतृत्व अब या तो खत्म हो चुका है या बिखर गया है।

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कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा पर सीधा हमला

गृह मंत्री ने Indian National Congress पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में नक्सलवाद के फैलाव के पीछे वामपंथी सोच और पूर्ववर्ती नीतियां जिम्मेदार रही हैं। उन्होंने यूपीए सरकार के दौरान बनी National Advisory Council (NAC) को “एक्स्ट्रा-कॉन्स्टिट्यूशनल फोरम” बताते हुए आरोप लगाया कि इसके कुछ सदस्यों पर नक्सल समर्थकों से संबंध होने के आरोप लगते रहे हैं।


‘नक्सलियों से नहीं, विकास से लड़ाई जीती’

अमित शाह ने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ दोहरी रणनीति अपनाई—एक तरफ सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई और दूसरी ओर प्रभावित क्षेत्रों में तेज विकास। उन्होंने बताया कि कई बड़े ऑपरेशनों के जरिए हथियार, आईईडी फैक्ट्रियां और अन्य संसाधन बरामद किए गए हैं।

उनके अनुसार, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और ओडिशा के कई इलाके अब नक्सल प्रभाव से बाहर आ चुके हैं।


विपक्ष पर नक्सल समर्थकों से जुड़ाव के आरोप

गृह मंत्री ने कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और बुद्धिजीवियों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि अतीत में नीतिगत स्तर पर ऐसे लोगों को जगह मिली, जिनके नक्सल संगठनों से सहानुभूति के आरोप लगे।

साथ ही उन्होंने नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे कई मौकों पर ऐसे लोगों के साथ मंच साझा करते देखे गए हैं, जिन पर नक्सल समर्थक होने के आरोप रहे हैं।


20 हजार मौतों का जिक्र, विपक्ष ने बताया राजनीतिक बयान

अमित शाह ने दावा किया कि नक्सली हिंसा में अब तक करीब 20 हजार लोगों की जान जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनता के बीच भी जाएगा।

हालांकि विपक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार गंभीर सुरक्षा मुद्दों का राजनीतिकरण कर रही है।


क्या सच में खत्म हुआ नक्सलवाद?

गृह मंत्री के अनुसार, सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों, बेहतर खुफिया नेटवर्क और विकास योजनाओं के चलते नक्सलवाद कमजोर पड़ा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले जिन इलाकों में सरकार की पहुंच सीमित थी, वहां अब सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से हालात बदले हैं।


‘आदिवासियों को भड़काकर हथियार थमाए गए’

अमित शाह ने कहा कि पिछड़े और दूर-दराज के क्षेत्रों में विकास की कमी का फायदा उठाकर आदिवासियों को भड़काया गया और उन्हें हिंसा के रास्ते पर धकेला गया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि अब सरकार इन क्षेत्रों में विकास के जरिए स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रही है।