Breaking News: पाकिस्तान पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर का बड़ा बयान, बोले- ‘भारत दलाल राष्ट्र नहीं’
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मीडिया के अनुसार, विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने पश्चिम एशिया संकट को लेकर आयोजित सर्वदलीय बैठक में पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत किसी भी तरह की ‘दलाल’ या मध्यस्थ की भूमिका नहीं निभाता, जबकि पाकिस्तान लंबे समय से ऐसी भूमिका में देखा जाता रहा है।
बैठक के दौरान विदेश मंत्री ने कहा कि भारत अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर चलता है और किसी तीसरे देश के माध्यम से कूटनीति करने में विश्वास नहीं रखता।
सर्वदलीय बैठक में गरमाया माहौल
पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर बुलाई गई इस अहम बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने सरकार पर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर कमजोर प्रतिक्रिया देने का आरोप लगाया, जबकि सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया।
सरकार की ओर से कहा गया कि भारत इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और हर स्तर पर स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
पाकिस्तान की भूमिका पर सरकार का रुख
विदेश मंत्री ने इशारों-इशारों में पाकिस्तान की कथित मध्यस्थता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि अतीत में भी पाकिस्तान का इस्तेमाल बड़े देशों द्वारा मध्यस्थ के तौर पर किया जाता रहा है, लेकिन भारत ऐसी भूमिका से दूर रहता है।
उन्होंने दोहराया कि भारत की विदेश नीति स्वतंत्र, संतुलित और राष्ट्रीय हितों पर आधारित है।
क्या भारत पश्चिम एशिया मुद्दे पर निष्क्रिय है?
विपक्ष की ओर से यह आरोप लगाया गया कि भारत की प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत कमजोर रही है। इस पर सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत न केवल सक्रिय है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार कदम उठा रहा है।
Vikram Misri ने बैठक में पश्चिम एशिया की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी और बताया कि सरकार का फोकस खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने पर है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, संसद में चर्चा की मांग
Tariq Anwar सहित कई विपक्षी नेताओं ने सरकार के जवाबों को असंतोषजनक बताया। उन्होंने संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
विपक्ष का कहना है कि वैश्विक स्तर पर बदलते हालात में भारत को और अधिक स्पष्ट और प्रभावी भूमिका निभानी चाहिए।
सरकार ने दोहराई प्राथमिकताएं
सरकार ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि उसकी प्राथमिकता तीन मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित है:
- विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा
- ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखना
- अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार निगरानी
सरकार ने भरोसा दिलाया कि किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तैयारी है और देश को एकजुट होकर इस स्थिति का सामना करना चाहिए।
