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जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, हिंसा मामले में 5 FIR दर्ज, 250 से अधिक वीडियो की जांच!

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Breaking News: NEET पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प की जांच तेज, डिजिटल सबूतों के आधार पर आरोपियों की पहचान में जुटी पुलिस!


Video Source: DD News

मीडिया के अनुसार, कथित NEET पेपर लीक के विरोध में सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन के बाद हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने अब तक 5 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं और घटनास्थल से जुटाए गए डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो अतिरिक्त मामलों में भी एफआईआर दर्ज की जा सकती है।

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जंतर-मंतर से संसद मार्च के दौरान बढ़ा विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ गया। आरोप है कि कुछ लोगों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई।

कई गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किए गए मामले

दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग (Parliament Street) और कनॉट प्लेस क्षेत्र में दर्ज मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट 1959 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (PDPP Act) की विभिन्न धाराओं को शामिल किया है।

एफआईआर में लगाए गए आरोपों में शामिल हैं:

  • गैरकानूनी जमावड़ा
  • दंगा और हिंसा
  • सरकारी कार्य में बाधा डालना
  • लोक सेवकों पर हमला
  • सार्वजनिक एवं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना
  • आपराधिक साजिश के आरोप
  • आर्म्स एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन (जहां लागू हो)

पुलिस का कहना है कि प्रत्येक आरोपी की भूमिका की अलग-अलग जांच की जा रही है।

रीगल सिनेमा के पास पथराव और तोड़फोड़ का आरोप

दिल्ली पुलिस के अनुसार, कनॉट प्लेस के आउटर सर्कल स्थित रीगल सिनेमा के पास कुछ लोगों ने पुलिस टीम पर कथित रूप से पथराव किया तथा पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और अन्य साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

250 से अधिक वीडियो और ड्रोन फुटेज की हो रही जांच

जांच एजेंसियां इस मामले में डिजिटल साक्ष्यों पर विशेष ध्यान दे रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक जांच के लिए 250 से अधिक वीडियो एकत्र किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • सीसीटीवी फुटेज
  • मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो
  • ड्रोन कैमरों की रिकॉर्डिंग
  • पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों की फुटेज

इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है और उनके संभावित आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।

क्या हिंसा पहले से सुनियोजित थी?

दिल्ली पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि क्या प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा पूर्व नियोजित थी। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से लोगों को एकत्र किया गया था या नहीं। पुलिस ने इस संबंध में कुछ वीडियो भी सार्वजनिक किए हैं, जिनमें बैरिकेड के पास पथराव जैसी घटनाएं दिखाई देने का दावा किया गया है।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने लगाए गंभीर आरोप

दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने दिल्ली पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों और बच्चों के साथ बल प्रयोग किया गया। हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

स्वास्थ्य मंत्री से मिला था प्रतिनिधिमंडल

प्रदर्शन के दौरान CJP का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मिला और कथित NEET पेपर लीक मामले को लेकर अपनी मांगें प्रस्तुत कीं। इसके बाद संसद की ओर बढ़ रहे मार्च के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की घटनाएं सामने आईं।

किन धाराओं के तहत दर्ज हुई FIR?

पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की कई धाराओं के साथ-साथ आर्म्स एक्ट, 1959 और Prevention of Damage to Public Property (PDPP) Act की धाराएं शामिल की गई हैं।

इन प्रावधानों में मुख्य रूप से निम्न आरोप शामिल हैं:

  • सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाना
  • लोक सेवक पर हमला
  • गैरकानूनी जमावड़ा
  • दंगा एवं हिंसक गतिविधियां
  • सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान
  • आपराधिक साजिश
  • समान उद्देश्य से सामूहिक अपराध करना
  • आर्म्स एक्ट के तहत संबंधित अपराध

पुलिस ने क्या कहा?

दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जा रही है। डिजिटल साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी प्रमाणों के आधार पर प्रत्येक आरोपी की पहचान की जाएगी। यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।