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भारत की नाराजगी मोल लेकर चौतरफा घिरे कनाडा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो!

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Breaking News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनाडा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रुडो को लिया आड़े हाथो!

Video Source: Republic Bharat

मीडिया के अनुसार, कनाडा के प्रधानमंत्री Justin Trudeau के लिए फिलहाल कुछ भी ठीक नहीं चल रहा और अपने देश के साथ दुनियाभर में वे आलोचकों के निशाने पर हैं। कनाडा में खालिस्‍तान समर्थकों पर नियंत्रण रखने में कथित नाकामी के चलते ट्रुडो को G-20 बैठक में उन्‍हें भारत और सदस्‍य देशों का ‘ठंडा’ रिस्‍पांस मिला.भारत में खास अहमियत नहीं मिलने से खिसियाए ट्रुडो को कनाडा के मीडिया ने भी आड़े हाथ लिया है। कनाडा में एक तस्वीर भी चर्चा में है जिसमें जी-20 सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रूडो के चेहरे की ओर उंगली से इशारा करते नज़र आ रहे हैं और कनाडा के मीडिया ने ट्रुडो के भारत दौरे को ‘नाकाम’ करार दिया है और यह भी कहा जा रहा है कि ट्रुडो ने भारत-कनाडा के आपसी रिश्‍तों को खालिस्‍तान समर्थक अलगाववादियों को प्रश्रय देने के अपने ‘एजेंडे’ की भेंट चढ़ा दिया है और कनाडा का मीडिया ही नहीं, वहां के नेता भी ट्रुडो की नीतियों के विरोध में सामने आए है।

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अमेरिका की सीमा से लगे कनाडा प्रांत सस्कैचवन के प्रीमियर स्‍कॉट मो की सरकार ने ट्रुडो पर भारत के साथ रिश्‍तों को नुकसान पहुंचाने और व्यापार वार्ता के बारे मेंअंधेरे में रखने का आरोप लगाया है। मो की ओर से सोमवार का जारी एक लेटर में सस्कैचवन के व्‍यापार मंत्री जेरेमी हैरिसन के हवाले से कहा गया है कि अपने घरेलू सियासी हितों के लिए ट्रुडो भारत के साथ लड़ाई मोल ले रहे हैं।

आप को बता दे कि हैरिसन ने लिखा, ‘इसके अलावा किसी अन्‍य निष्‍कर्ष पर पहुंचना बेहद कठिन है कि आपकी सरकार ने एक बार फिर अपने घरेलू राजनीतिक हितों को राष्ट्रीय आर्थिक हित से आगे रखा है, खासकर जब यह पश्चिमी कनाडाई में उत्‍पादित वस्तुओं के निर्यात और व्यापार से संबंधित है। क्‍या ट्रुडो यह भी जानते हैं कि वे सबसे महत्‍वपूर्ण व्‍यापारिक सहयोगी भारत के साथ हमारे रिश्‍तों को कितना नुकसान पहुंचा रहे हैं और सस्कैचवन प्रांत अपना 40 फीसदी निर्यात भारत को करता है और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का असर यहां की इकोनॉमी पर पड़ रहा है।

भारत की नाराजगी इस बात को लेकर है कि ट्रुडो अपने मुल्‍क में उन खालिस्‍तान समर्थक अलगाववादियों का संरक्षण दे रहे हैं जो उसके विरोध में लगातार सक्रिय हैं और इससे पहले किसानों के आंदोलन के समर्थन को लेकर भी भारत अपनी सख्‍त नाराजगी कनाडा के सामने जाहिर कर चुका है। G20 सम्मेलन के इतर ट्रुडो के साथ अपनी मुलाकात के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने कनाडा से चल रहे ‘खालिस्तानी आंदोलन’ का मुद्दा भी उठाया था और इसे लेकर भारत की चिंताओं से अवगत कराया था.जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा था कि दोनों देशों के संबंधों में प्रगति के लिए एक-दूसरे के प्रति सम्‍मान का भाव और आपसी भरोसा रहना जरूरी है।